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मोदी सरकार से अभी नही है उम्मीद: डायरेक्ट सेलिंग मे नियमन की

मोदी सरकार से अभी नही है उम्मीद: डायरेक्ट सेलिंग मे नियमन की
Written by Mahender Singh
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भारत मे एनडीए की सरकार  आने से पहले आईडीएसए को थोडी सी उम्मीद जागी थी कि नई सरकार डायरेक्ट सेलिंग मे हो रही ठगी को रोकने के लिए नियमन पर कदम उठाऐगी । लेकिन मोदी सरकार के एक माह के बीत जाने के बाद भी न तो कोई कानुन पारित हो पाया है और न ही सरकार ने ऐसा कोई कदम उठाया है जिससे निवेशको की परेशानी कम हो सके।

चुनाव से पहले  मोदी के चुनावी एजेंडो मे एक मुद्धा यह भी था कि भाजपा सरकार के आने के बाद डायरेक्ट सेलिंग को नियमित किया जाएगा जिससे लोगो को आए दिन ठगते आ रहे एमएलएम कंपनी के फर्जी संचालको पर शिकंजा कसा जा सकेगा। IDSA ने डायरेक्ट सेलिंग उद्योग के प्रति चिंता जताते हुऐ कहा है कि डायरेक्ट सेलिंग उद्योग मे कानुन न होने की वजह से लोगो को आए दिन परेशानियो का सामना पड़ रहा है। जिसको लेकर आईडीएसए ने आने वाली मोदी सरकार से भी गुहार लगाई थी, जिसको लेकर मोदी ने कहा था कि भाजपा सरकार के आने के बाद डायरेक्ट सेलिंग के नियमन के लिए अहम कदम उठाया जाएगा। लेकिन मोदी सरकार का एक माह बीत जाने के बाद भी डायरेक्ट सेलिंग के उद्योग मे न तो कोई कानुन बना है और न ही लोगो की कोई परेशानी कम हो पाई है।

उल्लेखनीए है कि डायरेक्ट सेलिंग को लेकर नई सरकार के आने के बाद इस उद्योग मे जो परेशानी दिन ब दिन बढ़ती जा रही है उसके लिए सरकार कुछ तो अच्छा काम करेगी।  साथ ही आईडीएसए ने डायरेक्ट सेलिंग मे कानुन बनाने के लिए प्रस्ताव रखा है। लेकिन जैसा सोचा ठीक उसके उलट हुआ।

नई सरकार से उम्मीद थी कि वह देश के समावेशी विकास के लिए डायरेक्ट सेलिंग उद्योग के नियमन की दिशा में कदम उठाऐगी इसके साथ ही ’’ आईडीएसए के मुताबिक जिस तरह के हालात चल रहे है तो उस हिसाब से जो सबसे बडी चुनौती है, तो वो है डायरेक्ट सेलिंग और मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर जगह-जगह धोखाधडी वाली योजनाएं, जिनके खिलाफ प्रशासनिक कार्यवाही मे जांच एजेंसियो के हाथ खाली के खाली रहे और इसके संचालको का सुराग पाने मे भी कई बार नाकाम रहें।

आईडीएसए ने कहा है कि इस व्यवसाय के ‘‘परिचालन के सरकारी नियम और कानूनी व्यवस्था के जाने से इस उद्योग में तेजी तो आएगी ही साथ मे विदेशी निवेशक भी आकर्षित होंगे। आईडीएस की हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार 2012-13 देश में डायरेक्ट सेलिंग के कारोबार मे 12.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ- साथ7164.1 कारोड रुपये तक हो गया था। इनमें असंगठित क्षेत्र की कंपनियों का 444 करोड रुपये का कारोबार शामिल है।

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2 Comments

  • Pulsindia liye our kalpatru ne hamare 4 lackh rupaye kha chuke agar koe mera payse ka payesa nikal ba sakte to meri madam karen