श्री सूर्या इंवेस्टमेंट फाइनेंस कंपनी के धोखाधडी मामले मे कोर्ट ने याचिकाकर्ताओ के हित मे फैंसला सुनाते हुए कंपनी के मालिक समीर जोशी के बैंक खातो की जांच करने के आदेश दे दिए है।
जांच के दौरान पुलिस ने कंपनी के 57 बैंक खाते खंगाले, जिसमे निवेशको द्वारा ठगी कर 5.50 लाख रूपए बरामद किए गऐं।
बंबई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति Bhushan Dharmadhikari की पीठ ने याचिकाकर्ताओ के हित मे फैंसला सुनाते हुए धोखाधडी मामले मे Shreesurya कंपनी के मालिक समीर जोशी के बैंक खाते खंगालने के लिए पुलिस को आदेश देते हुए कहा था कि, वह जांच कर रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करें। पुलिस ने कंपनी के खतो की जांच के दौरान कंपनी के 57 बैंक खाते भी खंगाले जिसमे निवेशको द्वारा ठगे गए 5.50 लाख रूपए बरामद किए थे।
पुलिस ने सौंपा आर्थिक अपराध शाखा को मामला
कंपनी ने निवेशको से पैसे जमा कर उन्हे अच्छा रिर्टन देने का वादा कर निवेशको को अपने झांसे मे लेकर उनसे करोडो रूपए ठगे थे। ठगी के पीडित पवन भूमि निवासी, व अमित मौरे ने 14 सितंबर 2013 को प्रतापनगर पुलिस थाने मे Shreesurya कंपनी के संचालक समीर जोशी के खिलाफ ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। जिसके बाद प्रतापनगर पुलिस ने नागपुर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया था। जांच मे अपराध शाखा ने Shreesurya की अन्य अपरावती, अकोला और पूणे मे स्थित रजिस्टर्ड कंपनियों को सीज कर और मामले मे जांच को आगे बढ़ाते हुए कंपनी के मालिक समीर जोशी व उनकी पत्नी पल्लवी जोशी समेत अन्य एजेंटो को गिरफ्तार कर कोर्ट मे पेश किया, जहा से बाद मे कोर्ट ने पल्लवी जोशी व अन्य एजेंटो को जमानत पर छोड दिया था। लेकिन समीर जोशी अब भी जेल मे बंद है।
जांच के दौरान नागपुर कि आर्थिक अपराध शाखा ने समीर जोशी की 32 प्रोपटी को सीज़ कर दिया है, जो कि जोशी के रिश्तेदारो के नाम पर थी, इसके अलावा उनके बैंक खातो को भी जांच के बाद सील कर दिया है।
Shreesurya Victims Association ने सीबीआई जांच की मांग की
मामले मे Shreesurya Victims Association ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए धोखाधडी मामले मे सीबीआई से जांच करने के लिए मांग की है। इस मामले पर सुनवाई अदालत के समक्ष चल रही है। आर्थिक अपराध शाखा मामले की जांच की वर्तमान स्थिति के बारे मे अदालत को सूचित किया है। अभी तक की जांच मे अपराध शाखा को कंपनी के 57 बैंक खातो से केवल साढ़े पांच लाख रूपए बरामद किए है। मामले मे उच्च न्यायालय ने कंपनी के बैंक खातों की जांच करने और अपनी रिर्पोट कोर्ट मे प्रस्तूत करने के लिए याचिकाकर्ताओं के वकीलों का निर्देश दिया है।
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