चिटफंड प्रस्ताव पर चर्चा टली
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चिटफंड कंपनियों व उनके द्वारा लोगों को ठगने के मुद्दे पर बुधवार को नियम 194 के तहत प्रस्तावित प्रस्ताव फिलहाल टल गया है. मंगलवार को विधानसभा में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक हुई. इस बैठक में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चिट फंड पर चर्चा के प्रस्ताव को फिलहाल टाल देने का प्रस्ताव दिया, जिसे सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने स्वीकार कर लिया.
सुश्री बनर्जी ने प्रस्ताव दिया कि चूंकि गुरुवार को होली है और वह चाहती हैं कि इस प्रस्ताव पर कम से कम चार घंटे बहस हो, लेकिन होली के कारण सभी विधायक जल्दी अपने विधानसभा केंद्र के लिए रवाना होंगे. इसलिए फिलहाल इस प्रस्ताव पर चर्चा अगले सत्र में की जाये.
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए चिट फंड मामले पर विधानसभा में बहस की बात कही थी. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस द्वारा 1980 से लेकर 2011 तक (सत्ता में आने के पहले) चिट फंड कंपनियों पर प्रस्ताव लाने की बात कही गयी थी. लेकिन कांग्रेस ने चर्चा 2011 की जगह 2015 में कराने का प्रस्ताव रखा, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया था.
होली के मद्देनजर इस पर चर्चा का टाल देने की वजह से राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कोलकाता नगर निगम चुनाव को लेकर राज्य सरकार चुनाव के पहले कोई चर्चा नहीं चाहती है, क्योंकि चर्चा होने से सारधा मुद्दे भी सामने आयेंगे. इसी के साथ ही उच्च शिक्षा परिषद को लेकर आने वाला प्रस्तावित विधेयक भी फिलहाल टाल दिया गया है.
बुधवार को केवल एयरपोर्ट के निजीकरण प्रस्ताव व वित्त विधेयक पर चर्चा होगी. राज्य के संसदीय मामलों के मंत्री पार्थ चटर्जी ने आरोप लगाया कि वाम मोरचा की आपत्ति के मद्देनजर ही चिटफंड प्रस्ताव पर चर्चा स्थगित कर दी गयी है. वाम मोरचा इस प्रस्ताव पर सर्वसम्मति के लिए सहमत नहीं हुआ था.
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