जानिए, स्वाइन फ्लू से बचाव के उपाय और लक्षण

स्वाइन फ्लू श्वसन तंत्र से जुड़ी समान्य बीमारियों की तरह एक बीमारी है जो वाइरस के जरिए होती है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण आम बीमारियों की तरह ही होते हैं लेकिन डॉक्टरों ने इसके पहचान के लिए कुछ लक्षण निर्धारित किए हैं।
डॉक्टर स्वाइन फ्लू को एक आम बीमारी की तरह ही मान रहे हैं बशर्ते समय से इसका ईलाज जरूरी है।
कैसे फैलते हैं इसके वाइरस
यह वाइरस पीड़ित व्यक्ति के छींकने, खांसने, हाथ मिलाने और गले मिलने से फैलते हैं। वहीं स्वाइन फ्लू का वाइरस स्टील प्लास्टिक में 24 से 48 घंटों तक, कपड़ों में 8 से 12 घंटों तक, टिश्यू पेपर में 15 मिनट तक और हाथों में 30 मिनट तक सक्रिय रहता है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
शुरुआती लक्षण: लगातार नाक बहना, मांसपेशियों दर्द या अकड़न महसूस होना, सिर में तेज दर्द, लगातार खांसी आना, उनींदा रहना, थकान महसूस होना, बुखार होना और दवा खाने के बाद भी बुखार का लगातार बढ़ना आदि।
आम लक्षण: जुकाम, खांसी, नाक बंद होना, सिर में दर्द, थकावट महसूस होना, गले में खराश, शरीर में दर्द, ठंड लगना, जी मिचलाना, उल्टी होना और दस्त भी हो सकती है। कुछ लोगों में श्वांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। स्वाइन फ्लू के ज्यादातर मरीजों में थकावट के लक्षण पाए जाते हैं। स्वाइन फ्लू के प्राथमिक लक्षण दिखने में एक से चार दिन लग सकते हैं।
स्वाइन फ्लू से बचाव के उपाय
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है साफ-सफाई रखना। छींकते या खांसते वक्त रुमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करना और प्रयोग किए गए टिश्यू पेपर को खुले में न फेंका जाए। अपने हाथों को थोड़ी-थोड़ी देर में साबुन-पानी से धुलते रहें। शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। बीमार होने पर लोगों से हाथ न मिलाएं, गले न लगें। अगर फ्लू के लक्षण दिखते हैं तो दूसरों से एक मीटर की दूरी बनाकर रखें। बीमार होने पर घर पर ही रहें। स्कूल, ऑफिस, मंदिर या किसी सार्वजनिक स्थानों पर न जाएं। बिना धुले हाथों से आंख, नाक या मुह छूने से बचें।
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