मिराक ने बैंक ऑफ अमेरिका के फर्जी पत्र से धोखा दिया: सहारा

नई दिल्ली: सहारा की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फिर गया. सहारा श्री सुब्रत राय को बहुत ही बड़ा झटका लगा है. सहारा समूह के मालिक सुब्रत रॉय की रिहाई की कोशिश फिर नाकाम होती नजर आ रही है. सहारा समूह अमेरिका की कंपनी मिराच कैपिटल के माध्यम से एक बिलियन डॉलर यानि करीब 6 हजार करोड़ रुपए उगाहने की कोशिश कर रहा था. लेकिन ये कोशिश नाकाम हो गई है.
सहारा का कहना है कि फंडिग को लेकर मिराच कैपिटल ने बैंक ऑफ अमेरिका की फर्जी चिट्ठी दिखाई थी. सहारा का आरोप है कि मिराच कैपिटल ने उन्हें धोखा दिया है. वह अब इसके खिलाफ अमेरिका और भारत में कानूनी कार्रवाई करेंगे. सहारा ने कहा कि वह इस मामले में मिराक और उसके अधिकारियों के खिलाफ भारत और अमेरिका दोनों जगह आपराधिक मुकदमा दायर करने समेत उपयुक्त कानूनी कार्रवाई करेगी.
बेल के लिए पैसे जुटाने में लगा सहारा समूह इन दिनों न्यूयॉर्क के अपने होटल प्लाजा सहित तमाम विदेशी होटल्स के रीफिनांसिंग में जुटा है. इस बीच सहारा के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि रिफिनांसिंग की इस डील को फाइनल करने वाले 34 वर्षीय पूर्व ब्रोकर सारांश शर्मा के पास इतना पैसा है भी या नहीं.
सहारा के हेड ऑफ कॉरपोरेट फिनांस संदीप वाधवा ने बताया कि सहारा के वकील ने बैंक ऑफ अमरीका से यह सत्यापित किया था कि शर्मा ने बैंक में एक खाते में केवल 1 बिलियन डॉलर जमा किए थे. यह कथित ट्रांजेक्शन के लिए निश्चित की गई राशि बताई जा रही है.
हालांकि जिस अकाउंट के बारे में बात की जा रही है वह अस्तित्व में ही नहीं है. बैंक के मैनेजर ने रायटर को बताया कि उसने सहारा को ईमेल कर किसी अकाउंट की पुष्टि नहीं की है. यहां तक कि बैंक की वक्ता जुमाना बॉवेंस ने कहा कि बैंक ऑफ अमरीका किसी तरह की ट्रांजेक्शन में शामिल नहीं है.
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