बिना अनुमति संचालित Cashpor Micro Credit की जांच

छत्तीसगढ़/बिश्रामपुर। जयनगर थाना के समीप कुंजनगर गांव में करीब डेढ़ वर्ष से बगैर प्रशासनिक अनुमति के संचालित Cashpor Micro Credit नामक संस्था की नायब तहसीलदार जेपी तिवारी ने जांच कर संस्था प्रबंधन को प्रशासकीय स्वीकृति आदेश की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए कहा कि स्वीकृति आदेश जमा नहीं करने पर संस्था के कार्य पर रोक लगा दी जाएगी।
चिटफंड कंपनी की सूचना पर कलेक्टर सूरजपुर के निर्देशानुसार नायब तहसीलदार जेपी तिवारी ने कुंजनगर गांव में विगत 29 सितंबर 2013 से संचालित Cashpor Micro Credit नामक संस्था के शाखा कार्यालय की जांच की।
जांच में पाया कि संस्था द्वारा ग्रामीणों के समूह को व्यवसाय हेतु साप्ताहिक किश्त के आधार पर 10 से 15 हजार रूपए का लोन दिया जाता है। ऋण में दी गई रकम का साप्ताहिक किश्त के आधार पर 23.94 प्रतिशत ब्याज की वसूली की जाती है। संस्था द्वारा डिपाजीट राशि जमा नहीं ली जाती है। संस्था का आंचलिक कार्यालय अंबिकापुर एवं प्रधान कार्यालय वाराणसी उप्र में होना बताया गया है।
बताया गया कि एक वर्ष पूर्व संस्था प्रबंधन ने कलेक्टर सूरजपुर को अनुमति प्रदान करने का आवेदन दिया था। इसकी जांच लियोस कुजूर पीडीडीआरडीए सूरजपुर ने कर प्रतिवेदन दिया था कि संस्था ऋण देने का काम करती है, जो चिटफंड की श्रेणी में ही आता है, किंतु इसके बावजूद कलेक्टर ने संस्था को संस्था संचालन करने की अनुमति नहीं दी थी।
नायब तहसीलदार श्री तिवारी ने संस्था कार्यालय में मौजूद दर्जन भर ग्राहकों के बयान भी दर्ज किए। संस्था के शाखा प्रबंधक विपिन कुमार सिंह द्वारा अनुमति संबंधी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नायब तहसीलदार ने शाखा प्रबंधक को दस्तावेज उपलब्ध कराने की मोहलत देते हुए निर्देशित किया कि अनुमति संबंधि दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संस्था के कार्य पर रोक लगा दी जाएगी। श्री तिवारी ने बताया कि बगैर प्रशासनिक स्वीकृति के संस्था डेढ़ वर्ष से कार्य कर रही है।
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