वागड़ समृद्धि का फरार चेयरमैन गिरफ्तार

बांसवाड़ा/घाटोल – शहर में संचालित चिटफंड कंपनी वागड़ समृद्धि के संचालक और चेयरमैन पंकज जैन पुत्र चंपालाल जैन को खमेरा पुलिस ने सोमवार देरशाम को गिरफ्तार कर मंगलवार को अदालत में पेश किया। जहां से अदालत ने उसे 5 दिन की रिमांड पर पुलिस को सौपा है।
सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपए लेकर कई दिनों से फरार चल रहे पंकज जैन अपनी कंपनी की लोक लुभावने स्कीमों के आधार पर लोगों से राशि जमा करता था और जब रुपए लौटाने का समय आया, तो कंपनी के संचालक ने अपने हाथ ऊंचे कर दिए। बताया जाता है कि इस कंपनी के सदस्यों से लेकर एजेंट पंकज जैन से करोड़ों रुपए की राशि मांग रहे हैं।
इसी प्रकरण को लेकर 19 नवंबर 2014 को घाटोल के एजेंट रूपलाल बुनकर ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद देकर पुलिस हस्तक्षेप चाहा था। बाद में परिवाद की तफ्तीश करने के बाद आरोप सही साबित हुए थे। आखिर पुलिस ने लगातार छानबीन करने के बाद पंकज जैन को गिरफ्तार कर लिया। अब 5 दिन की रिमांड पर आए पंकज से कंपनी और उससे जुड़े मामले को लेकर पूछताछ की जाएगी।
एसपी को दिए परिवाद में बुनकर ने बताया था कि उसके कलेक्शन एजेंट द्वारा भी 9 लाख 91 हजार से ज्यादा रुपए जमा कराए थे। ऐसे ही वागड़ समृद्धि कंपनी में करीब 500 से ज्यादा एजेंट काम करते थे। इस तरह से औसत रूप से देखे तो करोड़ों रुपए की राशि बनती है, जो निवेशक मांग रहे हैं। इसके खिलाफ 9 अक्टूबर 2014 को मामला दर्ज किया गया है।
कंपनी बर्बाद हो गई थी, खुद की प्रॉपर्टी तक बेचनी पड़ी
पंकज जैन ने कुछ समय पूर्व अपनी पूरी प्रॉपर्टी तक बेच दी थी। इसके पहले निवेशकों को राशि लौैटाने के लिए काफी हद तक प्रयास किए। जानकारी के अनुसार अपना मकान, गहने, सहित अपनी पूरी सम्पत्ति तक बेच दी थी। स्थिति यह है कि फिलहाल उसका परिवार रातीतलाई में किराए के मकान में रहता है। दूसरी ओर ऐसा होने के पीछे प्रमुख कारण यहीं बताया जा रहा है कि कंपनी आर्थिक दृष्टि से कमजोर हो गई थी। ऐसा तब हुआ, जब 3 साल पहले उसकी कंपनी पर छापा पड़ा था और उस दौरान कई तरह की गड़बडिय़ां सामने आई थी।
तंग आकर आत्महत्या का प्रयास भी कर चुका
अक्टूबर 2013 में कंपनी के दिवालिया होने के बाद आर्थिक हालत से तंग आकर पंकज जैन ने आत्महत्या का प्रयास किया था। कागदी नदी में कूद पर अपनी जान देने के प्रयास में था, लेकिन कुछ लोगों ने बचा लिया था।
15 साल पहले बनाई थी इनवेस्टमेंट सोसायटी
पंकज जैन ने करीब 15 साल पहले वागड़ समृद्धि क्रेडिट और इनवेस्टमेंट काेऑपरेटिव सोसायटी बनाई थी। इसके माध्यम से लोगों को एजेंट बनाकर लुभावने कमीशन देकर जोड़ा। साथ ही कुछ लोगों के जिम्मे ऑफिस का काम दिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक कंप्यूटर आॅपरेटर पीयूष श्रीमाली, लेखा-जोखा करने के लिए भी दूसरे कार्मिक रखे थे। डांगपाड़ा निवासी मैनेजर पुष्पेंद्रसिंह पुत्र दिलीपसिह राजपूत के विरुद्ध भी प्रकरण तैयार किया गया है। ये लोग कंपनी की दैनिक, मासिक, छह मासिक एवं वार्षिक योजनाओं के माध्यम से कंपनी में राशि जमा करते थे।
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