भोले भाले लोगो को ठगने के लिए यह शातिर ठग आऐ दिन नई नई स्कीम देकर लोगो को अपने जाल मे फांस लेते है फिर उनसे ठगी करके चंपत हो जाते है। ऐसा ही एक मामला ठगी का मामला शहरी क्षेत्र सुदूर प्रखंडों से सामने आया है जहां इन कंपनियों के एजेंट व प्रतिनिधि कर रहे ठगो ने लोगो को करोडो का चुना लगाया। और यह सिलसिला काफी समय तक चला, खबर मिलने पर नगर पुलिस ने इनके खिलाफ मामले मे तुरंत कार्यवाही शुरु कर दी इस दौरान चिटफंड कंपनी का कथित डायरेक्टर पुलिस के हत्थे चढ़ा। पहले तो डायरेक्टर ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया, फिर पुलिस से सख्ती बर्ती तो उसने पुलिस के सामने कई राज उगले।
शिकायतकर्ता सदर प्रखंड से नरेंद्रपुर निवासी मो.खलील ने नगर पुलिस को लिखित मे शिकायत दर्ज करवाई थी कि अमृत गंगा एग्रीकल्चर प्रोडक्ट इंडस्ट्रीज लिमिटेड नामक कंपनी चिटफंड के माध्यम से लोगो के साथ धोखाधडी करके उनके करोडो रुपए पचा कर बैठ गई है। पुलिस ने शिकायतकर्ता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुऐ मामले मे तेलोडीह निवासी गुलाम रसूल को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरु की। मामले से कई राज पर से पर्दा उठा
एम डी फरार
मामले मे गिरफ्तारी के बाद कंपनी के एम डी सरफराज अंसारी का नाम सामने आया है जिसके बाद से ही सरफराज अंसारी फरार चल रहा है । पुलिस ने फरार चल रहे सरफराज की खोजबीन मे आसपास का इलाके मे झापेमारी की। अंसारी पर कथित तौर 2 करोड से ज्यादा का गबने करने का आरोप है। पीड़ित शिकायतकर्ता मो. खलील ने बताया कि अमृत गंगा कंपनी की एजेंट हिना परवीन ने गत वर्ष उसे एक लाख रुपये जमा करने पर छह वर्ष तक प्रतिमाह सोलह सौ रुपये बतौर लाभांश देने की पेशकश की थी और छह वर्ष के बाद जमा राशि एक मुश्त भुगतान करने का आश्वासन दिया था। कंपनी अपने वादो पर खरी उतरने के बजाऐ अपने किऐ हुऐ वायदे से मुकर गई। मो. खलील जैसे और भी कई ऐसे लोग है जो इनकी चिकनी चुपडी बातो मे आकर अपनी गाढी कमाई खो बैठे।
ठगी का मास्टर माइंड सरफराज अंसारी
पुलिस को दिए बयान में कंपनी मे कार्ररत गुलाम रसूल ने सारे राज उगल डाले जिसके आधार पर गबन के इस खेल का मास्टर माइंड सरफराज अंसारी है जो निवेशकर्ताओं के करोड़ों रुपये लेकर फरार है। कंपनी के पासबुक में कंपनी का हेड आफिस धनबाद के बैंक मोड़ स्थित मिट्टु रोड बालाजी मैजेस्टिक आफिस नंबर एक सेकेंड फ्लोर बताया गया है।
शहर में गत वर्ष जिला प्रशासन की ओर से चिटफंड कंपनियों के खिलाफ शुरू किया गया छापेमारी अभियान में चार कंपनियों के स्थानीय दफ्तरों पर छापेमारी की गयी थी, जिसमें करोड़ों के गबन का मामला सामने आया था।
बहरहाल नगर थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने अमृत गंगा मामले में निवेशकों से अनुसंधान में सहयोग की अपील की है। पुलिस इस मामले की तह में जाकर सच्चाई का पता लगाना चाहती है।
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