HBN डायरेक्टर ने की HC के आदेश की अवमानना

रायपुर। जनता के साथ करोड़ों की धोखाधड़ी करने के आरोपी HBN कंपनी के डायरेक्टर हरमंदर सिंह की हाजिरी माफी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी उदय लक्ष्मी परमार की अदालत ने शुक्रवार को खारिज कर दी। सरेण्डर से बचने के लिए अभियुक्त की ओर से अदालत में हाजिरी माफी का आवेदन लगाया गया था, जिसका लोक अभियोजन अधिकारी फिरोज आलम ने विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त ने पहले भी हाजिरी माफी का आवेदन किया है और जानबूझकर अदालत में उपस्थित नहीं हो रहा, इसलिए आवेदन को खारिज किया जाए।
अदालत ने हाजिरी माफी के आवेदन को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना की है, जो आपत्तिजनक है। अदालत ने आरोपी द्वारा लगाए गए मेडिकल या गिरफ्तारी को लेकर कोई आदेश नहीं किया, लेकिन जानकारों का कहना है कि इस आदेश के बाद पुलिस उसे गिरफ्तार करने की कार्रवाई स्वयं कर सकती है। इसी अदालत ने 3 फरवरी को आरोपी के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया था और 9 फरवरी को यहां पेश किया जाना था।
जब पुलिस प्रोडक्शन वारंट को लेकर दिल्ली पहुंची, तब तक आरोपी ने ट्रांजिट बेल ले ली थी। इसलिए पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा था। उल्लेखनीय है कि अभियुक्त हरमंदर सिंह को दिल्ली हाईकोर्ट से इस शर्त पर ट्रांजिट बेल दिया गया है कि 10 फरवरी को वह रायपुर की अदालत में सरेण्डर करेगा। अभियुक्त ने सरेण्डर करने के बजाय अस्वस्थता का कारण बताते हुए मेडिकल प्रमाण पत्र पेश कर दिया है। इसी प्रकरण में आईजी जीपी सिंह ने लापरवाही के लिए एएसआई लल्ला सिंह राजपूत को निलंबित किया है।
पुलिस का अनुसंधान हो रहा बाधित
अदालत ने कहा है कि हाजिरी माफी का आवेदन न्यायहित में स्वीकार नहीं किया जा सकता। आरोपी की अनुपस्थिति में विशेष अनुसंधान सेल(सेल) का अनुसंधान बाधित हो रहा है।अदालत ने कहा कि आरोपी को दिल्ली हाईकोर्ट से ट्रांजिट बेल मिली है, जहां समय सीमा बढ़ाने का आवेदन नहीं लगाया गया।
एसआईसी करेगी अब गिरफ्तार
अदालत के आदेश के बाद विशेष अनुसंधान सेल अब कार्ऱवाई के लिए स्वतंत्र है। हालांकि अदालत ने कार्रवाई के संबंध में कोई उल्लेख नहीं किया है और न ही ये कहा है कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाए। एसआईसी के प्रभारी पंकज खांडेकर ने बताया कि अब पुलिस वारंट जारी करेगी और उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर कार्रवाई करेगी।
इनके खिलाफ एफआईआर
संचालक श्यामलाल केवलानी लाखेनगर, मंजीत कौर सरन, सुखदेव सिंह ढिल्लन, दलजीत कौर, राजीव कुमार, उषा रानी तोमर के खिलाफ भी प्रार्थी सूरज निर्मलकर की रिपोर्ट पर न्यू राजेन्द्र नगर थाने में धारा 420, 409. 120 बी भादस और इनामी चिट्स एवम धन परिचालन स्कीम अधिनियम 1978 की धारा 3(5) के तहत अपराध दर्ज है।
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