नई दिल्ली। NSEL में निवेश करने वालों को सरकार से भी फटकार ही मिली। वित्त मंत्री पी चिदंबरम की मानें तो निवेशकों ने तमाम खतरों को जानते हुए जानबूझकर NSEL पैसे लगाए थे। वित्त मंत्री के इस बयान से NSEL घोटाले की जांच को झटका लगा है। वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि जांच कब खत्म होगी इसकी कोई समय सीमा नहीं बता सकते।
यही नहीं, वित्त मंत्री की मानें तो एनएसईएल किसी रेगुलेटर के दायरे में नहीं था और पहले दिन से ही उसका बिजनेस मॉडल शक के दायरे में था। चिदंबरम के बयान से फिलहाल ये साफ हो गया कि NSEL में 7,000 निवेशकों के फंसे हुए पैसे कब मिलेंगे या फिर नहीं मिलेंगे, ये कोई नहीं जानता। दरअसल निवेशकों को सरकार से उम्मीद थी कि वो NSEL घोटाले की तेजी से जांच कराएगी और उनके फंसे हुए पैसे वापस जल्द मिल जाएंगे।
वित्त मंत्री के मुताबिक एनएसईएल घोटाले की जांच कॉरपोरेट मंत्रालय, आयकर विभाग के अलावा कई एजेंसियां कर रही हैं और अब इसकी शिकायत सीबीआई से भी की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि एनएसईएल पहले दिन से ही नियमों का उल्लंघन कर रहा था। एनएसईएल एक्सचेंज के तौर पर रजिस्टर्ड नहीं था, इसलिए एफएमसी के दायरे में नहीं था।
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