MLM NEWS: बाजार नियामक सेबी को ज्यादा अधिकार देने वाला अध्यादेश जारी होने के बाद नियामक ने एक बार फिर पोंजी कंपनियों की पोंजी स्कीमों के खिलाफ सख्ती से पेश आते हूऐ इनके खिलाफ तेजी से कार्रवाई करना शुरु कर दी है। अधिकतर पश्चिम बंगाल और देश के अन्य हिस्सों में पोंजी स्कीमें संचालित करने वाली कंपनियों के बैंक खाते और अन्य चल-अचल संपत्तियां जब्त करने के साथ-साथ, जुर्माने वसूलने के लिए ठोस कदम उठाएगी।साथ ही सेबी के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अवैध तरीकों से निवेशको को ठगकर धन जुटाने के यह मामले अधिकतर पश्चिम बंगाल, असम, पूर्वी और उत्तर पूर्वी राज्यों सहित देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े होते हैं।
हाल ही में सरकार की ओर से अध्यादेश जारी करने से सेबी को अवैध तरीके से कमाई हूई संपत्ती या फिर अवैध रुप से धन वसुलने वालो के खिलाफ सेबी सख्ती से पेश आऐगा। क्योंकी सेबी को फिर से जब्ती और छापेमारी के अधिकार दिए गऐ है।
सेबी को फिर से मिले अधिकार
इससे पहले अध्यादेश की जारी हूई अवधि जनवरी में समाप्त होने की वजह से सेबी इन पोंजी स्कीम चलाने वाली कंपनियो के खिलाफ कोई ठोस कदम नही उठा पा रही थी। लेकिन अब अधिकार वापस मिलने के बाद सेबी ने कंपनियों के खिलाफ सख्त रुख किया है और गड़बड़ी करने वाली कंपनियों के खिलाफ मुकदमे व वसूली करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक जिन कंपनियों के खिलाफ यह कार्यवाही शुरू की जा चूकी है, अधिकारियों ने उनके नामों की ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है।
सेबी ने सुलझाऐ 65 मामले
अध्यादेश से मिले अधिकारों के तहत सेबी ने अब तक 65 मामलों में 300 से ज्यादा संपत्तियों की जब्ती की है। मिली जानकारी के अनुसार सेबी डिफॉल्टरों और फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों और फर्मो से 2,000 करोड़ रुपये वसूलने के लिए सेबी को यह हथकंड़ा अपनाना पड़ा। इनमें अवैध तरीकों से धन जुटाने वाली कंपनियों के नाम भी शामिल है। इस पर अधिकारीयों का कहना है कि जनवरी में अध्यादेश की अवधि समाप्त होने पर विभिन्न मामलों में कार्रवाई प्रभावित नहीं हुई है। बल्कि कई नए मामलों सामने आने से फिलहाल उन्ही मामलो में कार्रवाई शुरू की गई है।
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