भारत लगातार कई सालो से आर्थिक मंदी से गुजर रहा है व युवा भी बेरोजगार इधर उधर काम की तलाश मे भटक रहे है। इसलिए अब भारत सरकार ने मन बना लिया है कि विदेश मे जमा काला धन अब वापस लाना है। काले धन की तमाम जानकारी जुटाने हेतु स्विट्सजरलैंड पर दबाव बनाने के साथ साथ भारत अब धरेलू टैक्स चोरो की धर पकडी का काम शुरु करेगा। पुंजी बाजार नियामक सेबी ने ऐसी लगभग 100 कंपनियों की सुची जारी की है जिनपर सेबी को विदेशों में जमा काले धन की राउंड ट्रिपिंग करने का संदेह है। यह निगरानी ऐसे समय में की जा रही है जब भारत सूचनाएं देने में आनकानी कर रहे स्विट्जरलैंड पर लगातार दबाव बढ़ा रहा है।
अभी तक की जानकारी के मुताबिक सेबी की निगरानी के दायरे में आई ये कंपनियां ऐसे लोगों से जुड़ी हैं, जिनके नाम स्विस बैंकों में खाता रखने वाले 700 लोगों की सूची में शामिल हैं। इसके अलावा ऐसे कुछ बैंकरों और उनसे जुड़े लोगों पर भी सेबी की निगाह है, जिनकी शाखाएं स्विट्जरलैंड में हैं। सेबी के एक अधिकारी ने बताया है कि इन बैंकों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़ी कुछ ब्लूचिप कंपनियों सहित 10 से 15 लिस्टेड कंपनियों पर नियामक की नजरे टिकी हुई है। इसके अलावा सेबी की बाजार में किसी भी तरह से हो रहे गडबड धोटालो पर नजरे रहेंगी।
सेबी अधिकारी ने बताया है कि कुछ बड़े ग्लोबल बैंक भी जांच के घेरे में हैं। हालांकि यह संभव है कि इन बैंकों को खुद इस अवैध धन की जानकारी न हो। हो सकता है कि इसका लाभ उनके एक्जीक्यूटिव उठा रहे हों। काले धन की राउंड ट्रिपिंग [देश से बाहर ले जाकर फिर वापस लाना] करने के लिए पहले मॉरीशस और साइप्रस जैसे देशों मे कि जाती थी । लेकिन अब इन देशों ने भारतीय एजेंसियों की निगरानी स्वीकार कर ली है। इसलिए ये बैंकर आऐ दिन नए रास्ते तलाश रहे हैं।
जांच के दायरे में आए व्यक्तियों, बैंकों और सूचीबद्ध कंपनियों के बारे में इस अफसर ने कहा कि ये सभी काफी बड़े नाम हैं। इनके नाम सबसे धनी लोगों और बड़ी कंपनियों में शुमार होते हैं। इसी कारण के चलते अभी नाम नही बताया गया है।
भारत सहित 47 देश टैक्स सूचनाएं करेगें साझा
बैंकिग गोपनीयता को जड से समाप्त करने के लिए भारत और स्विट्सजरलैंड सहित अन्य 47 देशो ने टैक्स सुचनाऐं आदान प्रदान करने के लिए आपस मे करार कर लिया है । यह अमीर देशो के संगठन ओईसीडी से जुडे है। ओईसीडी ने गत दिनो टैक्स मामलों पर सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान संबंधी घोषणापत्र को मंजूरी दी है। इससे भारत को स्विस बैंकों में अवैध धन जमा करने वाले भारतीयों की सूचनाएं हासिल करने के लिए इन बैंकों पर दबाव बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ओईसीडी टैक्स फर्जीवाड़े रोकने के लिए आर्थिक नीतियां निर्धारित करने वाला एक प्रमुख वैश्विक संगठन है। इन 47 देशों द्वारा तय किए गए मानकों से बैंकिंग क्षेत्र में बरती जा रही गोपनीयता समाप्त होगी। टैक्स चोरी और आर्थिक अपराधों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान में मदद मिलेगी।
ओईसीडी महासचिव एंजेल ने कहा है कि टैक्स धोखाधड़ी और कर चोरी ऐसे अपराधों में शामिल नहीं है जिनसे कोई पीड़ित नहीं होता। इससे सरकार को राजस्व घाटा होता है। साथ ही कर प्रणाली की सचेतता के देखकर आम लोगों का भरोसा टूटता है।
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