चिटफंड एंड मनीसर्कुलेशन मामले मे एमवे के सीईओ pinkney की गिरफ्तारी से अांध्र मे अब एमवे के कारोबार का ग्राफ नीचे की ओर गिरता जा रहा है। जिसके चलते आंध्र प्रदेश मे बाहरी निवेशक AMWAY मे निवेश करने से हिचकिचा रहे है। उसके विरुद्ध प्राइज चिट्स ऐंड मनी सर्कूलेशन स्कीम्स (बेनिंग) ऐक्ट, 1978 के तहत मामला दर्ज किया गया है। विलियम को पिछले साल भी इन्हीं आरोपों के चलते हुए गिरफ्तार किया गया था।
फर्म ने इस गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए कहा है कि इंडिया में डॉयरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री के बारे में कानूनी व्यवस्था का अभाव है और जो भी मामला इस बारे में दायर किया जाता है उसे उपरोक्त ऐक्ट के तहत मान लिया जाता है, जो की गलत है।
मामले मे direct selling कंपनी ने कहा है कि प्राईज चिटफंड एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम्स (प्रतिबंध) अधिनियम में संशोधन किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी कहा है कि प्रत्यक्ष बिक्री कंपनी भी इस कानून के तहत प्राथमिकी प्रणाली कानून को लागू करना आवश्यक है। कथित तौर पर यह भी कहा है कि इसके सीईओ के लंबे समय तक गिरफ्तारी से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के निवेश माहौल को प्रभावित किया है।
मामले मे आंध्र प्रदेश के (आधिकारिक विभाजन से पहले) वंहा कि पुलिस ने प्रत्यक्ष बिक्री कंपनी के खिलाफ दायर एक आपराधिक मामले में करीब दो महीने पहले AMWAY india के सीईओ विलियम एस Pinckney को गिरफ्तार किया था। जिसकी वजह उनको काफी नुकसान भी झेलना पड़ा था। नुकसान से उभरने के लिए एमवे इस वर्ष मे विनिर्माण और तमिलनाडु मे नऐ निर्माण और के साथ बेरोजगारो को रोजगार दिलवाने के लिए 500 करोड रुपए का निवेश कर रही है।
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