मुंबई। हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड ने अपने कारोबार को और फैलाने के लिए और लोगों से सीधे जुड़ने के लिए एक परियोजना की शुरुआत की है। ये परियोजना की शुरुआत शहरी इलाकों और ग्रामीण बाजारों में एक साथ की गई है। वैसे भी हिन्दुस्तान यूनीलिवीर का बाजार में सबसे अच्छी पकड़ है। शहरी क्षेत्रों के लिए परियोजना का नाम टेलीकॉलिंग और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए परियोजना का नाम कोलंबस दिया गया है। कंपनी का कहना है कि उसका लक्ष्य अगले दो सालों में देश के बड़े चार लाख दुकानों में प्रोडक्ट्स को पहुंचाना है और करीब 4 लाख कंजूमरों को जोड़ना है। कंपनी अगले दो साल में इस क्षेत्र में कारोबार को दुगुना करना चाहती है। हालांकि एचयूएल के प्रवक्ता ने कैसे इस काम को अंजाम दिया जाएगा इस बारे मंल बोलने से इनकार कर दिया।
एक बाजार विश्लेषक के मुताबिक शहरी क्षेत्र में इस पहल को उपभोक्ता उत्पाद उद्योग का वितरण प्रतिमान बदलने की क्षमता है। परियोजना टेलीकॉलिंग यानि कंपनी टेलीफोन कॉल के माध्यम से दुकानदारों और कंजूमरों से संपर्क करेगी, जिससे सैल्समैन कम रखने पड़ेंगे। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के आनंद मोयर का कहना है कि कंपनी टेलीकॉलिंग परियोजना के माध्यम से एफएमसीजी उद्योग में वितरण के तरीके को बदलने में लगी है। उन्होंने कहा कि कंपनी का ये काम अन्य एफएमसीजी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
परियोजना कोलंबस के जरिये कंपनी का 2013 में 150 मिलियन से अधिक ग्रामीण उपभोक्ताओं तक अपने पोडक्ट्स से जोड़ने का लक्ष्य है। यही नहीं, कंपनी ग्राहकों की संख्या बढ़ाने कई नए तरीके अपना रही है। गौरतलब है कि मार्केट में हिन्दुस्तान यूनीलिवीर और पीएंडजी के बीच कड़ी टक्कर रही है। दोनों कंपनियों ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार को लेकर काफी मात्रा में निवेश किया है। पीएंडजी का फिलहाल देश में 5.6 लाख ऑउटलेट्स और हिन्दुस्तान यूनीलिवर के 7.2 लाख आउटलेट्स हैं। एचयूएल आउटलेट्स की संख्या और ग्राहकों को संख्या बढ़ाने में जोड़ दे रहा
है।
वहीं एचयूएल के इस नई पहल पर इंडियन इंसीट्यूट ऑफ अहमदाबाद के प्रोफेसर पीयूष कुमार सिन्हा का कहना है कि किसी भी कंपनी के लिए प्रोडक्ट्स को केवल फोन के जरिये बाजार में और उपभोक्ताओं का सही से नहीं पहुंचाया जा सकता है। ये तरीका पूरी तरह से कारगर नहीं है। वहीं बाजार अनुसंधान फर्म नीलसन ने 20 से ज्यादा शहरों में कंपनी के तरीके को लेकर सर्वे कर रहा है। सर्वे में कंपनी के प्रोडक्टस के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। सर्वे में किराने दुकानों को शामिल किया जा रहा है। दरअसल पिछले तीन वर्षों में हिन्दुस्तान यूनीलिवर की भारत में ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। एचयूएल का वॉल्यूम ग्रोथ जून 2013 में गिरकर 5% हो गया है। जो कि मार्च 2011 में 14% पर थी। कंपनी की इस नई वितरण पहल को मंदी के इस दौर में ग्रामीण बाजार में अपनी पकड़ को मजबूत करने में बल मिलने की उम्मीद है।
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