देश की आर्थिक स्थिति में सुधार व व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु वित्त मंत्रालय भारत सरकार के आर्थिक सेवाओं के विभाग ने कुछ आर्थिक कानूनों व नियमों को गैर-आपराधिक घोषित करने का मन बनाया है जिसके लिए सभी सम्बंधित संस्थाओं व जनता से सुझाव आमंत्रित किये गए हैं।
फेडरेशन ऑफ इंडियन डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री (फीडसी), जो कि मंझोले डायरेक्ट सेलिंग/MLM व्यवसायिओं का प्रतिनिधित्व करती है, ने सरकार के इस आमंत्रण का जवाब देने में देरी किये बिना सरकार का ध्यान प्राइज चिट एंड मनी सर्कुलेशन (बैंनिंग) एक्ट की की धारा 4 की ओर खींचा। जिसके अंतर्गत उपभोक्ता मंत्रालय भारत सरकार के नियमों का अक्षरशः पालन करने वाले व्यवसायियों के विरुद्ध दुर्भावनावश निराधार आपराधिक कार्यवाही की जाती है। अतः इस धारा में संशोधन करके उनको इस से अलग रखा जाए।
यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि राष्ट्रीय लॉकडाउन में जब पूरे देश का व्यापार ठप्प हो गया था तब भी डायरेक्ट सेलिंग उद्योग ने ऑनलाइन व डिजिटल माध्यमों को अपनाते हुए अपना व्यापार न केवल जारी रखा अपितु इसमें वृद्धि करते हुए राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दिया।
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