एचआईवी एड्स एक बहुत ही बड़ी लाइलाज और खतरनाक बीमारी है।जिसकी वैज्ञानिकों के पास कोइ भी इलाज मिल पाया था लेकिन अब एचआईवी एड्सवायरस के इंफेक्शन की रोकथाम की दिशा में वैज्ञानिकों को सफलता मिल गई है।
ऑस्ट्रेलिया के समुद्र में पाए जाने वाले मूंगे (प्रवाल) की प्रजाति एचआईवी की रोकथाम में कारगर पाया गया है। ‘कैनिडैरिन्स’ नाम का जो ऑस्ट्रेलिया के समुद्र में पाए प्रोटीन उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के तट से एकत्र किए गए मूंगों में पाया गया।
हजारों जैविक अभिलेखों की जांच करने के बाद नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं ने इस प्रोटीन पर ध्यान केंद्रित किया।जिससे कैंसर पिड़ितो के उपचार में उपयोगी सिद्घ हुआ।
संक्रमण के बाद मानव अपने रोग-प्रतिरोधि प्रतिरक्षण क्षमता खो देता है।जिससे कि आम सर्दी जुकाम से ले कर फुफ्फुस प्रदाह, टीबी, क्षय रोग, कर्क रोग जैसे रोग तक आसानी से हो जाते हैं और उनका इलाज करना कठिन होता हैं, जिससे मरीज़ की मृत्यु भी हो सकती है। इसलिए विज्ञान में एड्स के इलाज पर निरंतर संशोधन जारी हैं। ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने इसका खोज निकाला है।
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